न्याय (Justice): अर्थ, जॉन रॉल्स का न्याय का सिद्धांत, रॉबर्ट नॉजिक का न्याय का स्वत्वाधिकार/अधिकारिता सिद्धांत, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, महत्व, मूल्यांकन या आलोचना

न्याय (Justice):  अर्थ, जॉन रॉल्स का न्याय का सिद्धांत, रॉबर्ट नॉजिक का न्याय का स्वत्वाधिकार/अधिकारिता सिद्धांत, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, महत्व, मूल्यांकन या आलोचना

न्याय (Justice) का अर्थ

न्याय को परिभाषित करना सरल नहीं है। क्योंकि भिन्न-भिन्न दार्शनिकों द्वारा समय और परिस्थितियों के अनुसार न्याय की अलग-अलग अवधारणा दी है।

न्याय के लिए अंग्रेजी में 'जस्टिस' (Justice) शब्द का प्रयोग किया जाता है, जो लैटिन भाषा के शब्द 'जस्टिशिया' (Justitia - बांधना ) और जस (Jus-संबंध) से लिया गया है।

अंतः किसी व्यवस्था को बनाए रखना ही न्याय है इसलिए हम कह सकते हैं कि न्याय उस व्यवस्था का नाम है जो व्यक्तियों तथा समुदायों को एक सूत्र में बाँधती है।

न्याय किसी भी समाज के लिए अनिवार्य होता है, क्योंकि यदि समाज मे न्याय व्यवस्था न हो तो अव्यवस्था, असुरक्षा एवं जिसकी लाठी उसकी भैंस की परिस्थितियाँ उत्पन्न हो जाएगी।



न्याय (Justice) की परिभाषा

1. मेरियम के अनुसार:- न्याय वह प्रक्रिया है जिनके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को वे सभी अधिकार तथा सुविधाएँ प्राप्त होती हैं जिन्हें समाज उचित मानता है।

2. जे. एस. मिल के अनुसार:- न्याय उन नियमों का नाम है जो मानव-कल्याण से सम्बन्धित है।

3. डी. डी. रफेल के अनुसार:- न्याय उस व्यवस्था का नाम है जिसके द्वारा व्यक्तिगत अधिकार की रक्षा होती है और समाज की मर्यादा भी बनी रहती है।

4. बेन तथा पीटर्स के अनुसार:- न्याय का अर्थ यह है कि जब तक भेदभाव किए जाने का कोई उचित कारण न हो,तब तक सभी व्यक्तियों से एक जैसा व्यवहार किया जाये।

5. प्लेटो के अनुसार:- व्यक्तियो द्वारा अपने कर्तव्यों के उचित पालन और दूसरों के काम में दखल न करना ही न्याय है।

6. सालमण्ड के अनुसार:- न्याय का अर्थ प्रत्येक व्यक्ति को उसके अधिकार प्रदान करना है।



न्याय (Justice) के प्रकार

1. सामाजिक न्याय:- सामाजिक न्याय का अर्थ होता है कि समाज में सभी व्यक्तियों को समानता प्राप्त हो, जिसमें आस्था, जाति, पंथ, रंग, लिंग या स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

कुछ लोगों का तर्क है कि सामाजिक न्याय में प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से संसाधन आवंटित हो। जबकि दूसरों का तर्क है कि सामाजिक न्याय कानून और न्याय के शासन के आधार पर लाभों और अधिकारों का समान वितरण है।


2. राजनीतिक न्याय:- राजनीतिक न्याय अर्थ है कि सभी व्यक्तियों को प्रशासन या राजनीति में भाग लेने के लिए समान अधिकार और अवसर प्रदान करना।

नागरिकों को धर्म, जाति, वर्ग, पंथ, लिंग, जन्म स्थान या सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर भेदभाव के बिना मतदान करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए।

कानून बनाते समय शासकों की इच्छा को शासितों की इच्छा पर थोपा नहीं जाना चाहिए। और कानून को लोकप्रिय भावनाओं और राज्य की इच्छाओं द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए। हर समय सामाजिक मूल्यों, नैतिकता, परंपराओं के महत्व को ध्यान में रखना आवश्यक है।


3. आर्थिक न्याय:- आर्थिक न्याय का अर्थ है कि सभी व्यक्तियों को आजीविका कमाने और उचित वेतन पाने के उपयुक्त अवसर मिलें, जिससे वे अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हों और साथ ही अपने विकास और उन्नति में भी सहायता कर सके।

बीमार, बुजुर्ग या काम करने में असमर्थ के लिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस दौरान उन्हें वित्तीय सुरक्षा मिले।

आर्थिक न्याय और सामाजिक न्याय आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।


4. कानूनी न्याय:-
कानूनी न्याय का तात्पर्य कानून के शासन से है, न कि किसी व्यक्ति के शासन से। इसमें कानून के समक्ष सभी व्यक्ति समान हैं और कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।

यह सुनिश्चित करता है कि हर कोई कानून द्वारा संरक्षित है। कानून अमीरों और गरीबों के बीच कोई अंतर नहीं करता।

कानूनी प्रक्रिया सीधी, तेज, निष्पक्ष, सस्ती और प्रभावी होनी चाहिए। अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र होना चाहिए।



जॉन रॉल्स का न्याय (Justice) का सिद्धांत

1971 में जॉन रॉल्स ने अपने न्याय के विचारो का अपनी पुस्तक “A Theory of Justice” में वर्णन किया था। और जॉन रॉल्स न्याय समझाने के लिए अज्ञानता की स्थिति का वर्णन करते है।

अज्ञानता की स्थिति:- यह वह स्थित है जब मानव अपने शुरुआती युग में था और इस समय मानव विवेकशील था इसलिए उसे सही और गलत का अर्थ पता था परंतु न्याय जैसा कुछ नहीं था क्योंकि मानव की आवश्यकता न के बराबर थी।

अज्ञानता की स्थिति से निकलने के बाद मानव को न्याय की आवश्यकता महसूस हुई अंतः जॉन रॉल्स ने समाज मे न्याय स्थापित करने के लिए तीन सिद्धांत प्रस्तुत किये है:-

1 स्वतंत्रता:- समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान रूप से स्वतंत्रता प्राप्त होनी चाहिए और व्यक्ति को अपना विकास करने के लिए राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता होनी चाहिए।

2 समानता:- समाज में प्रत्येक व्यक्ति को अपना विकास करने के लिए समान अवसर मिलने चाहिए।

3 पुनर्वितरण:- समाज में न्याय स्थापित करने के लिए आय का पुनर्वितरण करना आवश्यक है तभी समाज में विषमता समाप्त हो पाएगी। और इन विषमताओं को समाप्त करने के लिए जॉन रॉल्स ने दो सिद्धांत दिए हैं:-
  • समाज में अमीर वर्ग पर कर लगाकर उसे गरीब वर्ग में वितरण कर देना चाहिए परंतु ज्यादा कर न लगाया जाए ताकि उत्पादन क्षमता में भी कमी न आए।
  • समाज में न्यूनतम सुविधा प्राप्त लोगों को अधिकतम लाभ मिलना चाहिए।
जॉन रॉल्स के अनुसार किसी समाज में न्याय तभी स्थापित होगा जब उस समाज में मौलिक पदार्थ का वितरण सही तरीके से किया जाएगा अंतः जॉन रॉल्स के इस पुनर्वितरण के विचार को वितरणात्मक न्याय भी कहते है।

जॉन रॉल्स के अनुसार मौलिक पदार्थ दो प्रकार के होते हैं:-

1 सामाजिक पदार्थ:- वह पदार्थ जो सामाजिक संस्था द्वारा प्रत्यक्ष रूप से वितरित किए जाते हैं जैसे अवसर, वेतन, अधिकार, स्वतंत्रता, संपत्ति, भौतिक पदार्थ आदि।

2 प्राकृतिक पदार्थ:- वह पदार्थ जो प्राकृतिक रूप से हमें प्राप्त होते हैं जैसे बुद्धि, क्षमता, स्वास्थ्य, काल्पनिक शक्ति आदि।



जॉन रॉल्स के न्याय (Justice) के सिद्धांत का मूल्यांकन या आलोचना

1. नॉर्मन बैरी के अनुसार:- नॉर्मल बेरी आलोचना करते हुए कहते हैं कि यह सिद्धांत उदारवादी पूंजीवादी सिद्धांत है क्योंकि अमीरों के सुख से गरीबों के दुख की क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती है

2. ब्रायन बेरी के अनुसार:- ब्रायन बेरी रोल्स के न्याय के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कहते हैं कि समाज में न्यूनतम सुविधा प्राप्त व्यक्तियों को ढूंढना मुश्किल है जिसके कारण लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच नहीं सकता है

3. मार्था सी. नुसबौम के अनुसार:- अमेरिकी दार्शनिक “मार्था सी. नुसबौम” ने इस सिद्धांत की आलोचना करते हुए कहा कि यह किसी तरह से विकलांग लोगों की अक्षमताओं और विशेष आवश्यकताओं पर विचार नहीं करता है। और समान अधिकारों और कर्तव्यों के सिद्धांत की खामियों की ओर इशारा करते हुए, उन्होंने तर्क दिया कि विकलांग लोगों को सामान्य जीवन जीने के लिए अलग-अलग उपचार की आवश्यकता होती है।

4. मैकफरसन के अनुसार:- मैकफरसन आलोचना करते हुए कहते हैं कि यदि अमीर वर्ग से गरीब वर्ग को धन या संपत्ति हस्तांतरण की जाएगी तो इससे किसी भी समाज में न्याय स्थापित नहीं होगा क्योंकि अमीर वर्ग का गरीब वर्ग में परिवर्तन हो जाने का डर बना रहेगा

5. रॉबर्ट नोजिक के अनुसार:- रॉबर्ट नोजिक ने जॉन रॉल्स के न्याय के सिद्धांत की आलोचना करते हुए उसे भेदमूलक सिद्धांत की संज्ञा दी है

6. नारीवादी सुसन ओकिन के अनुसार:- नारीवादी सुसन ओकिन ने आलोचना करते हुए कहा है कि जॉन रॉल्स ने अपने सिद्धांत में कहीं भी पितृसत्ता, श्रय विभाजन और गृहस्ती पर ध्यान नहीं दिया है जिससे महिलाएं इस सिद्धांत से वंचित रह जाती हैं

7. डेविड हुंम के अनुसार:- यह सिद्धांत केवल नियमों का पालन मात्र है



रॉबर्ट नॉजिक (Nozick) का न्याय (Justice) का स्वत्वाधिकार / अधिकारिता सिद्धांत

रॉबर्ट नॉजिक ने अपना यह सिद्धांत अपनी पुस्तक "अनार्की, स्टेट एंड यूटोपिया" (1974) में प्रस्तुत किया गया है और यह सिद्धांत जॉन रॉल्स के न्याय के सिद्धांत के विपरीत है।

नॉजिक वितरणात्मक न्याय की अवधारणा का विरोध करते हुए कहते है कि हर व्यक्ति को उसकी संपत्ति और संसाधनों पर पूरा नियंत्रण होना चाहिए, जो उसने निष्कर्षित रूप से प्राप्त किया हो। नॉजिक स्वत्वाधिकार सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल्य स्वामित्व और संपत्ति पर पूरी तरह से निर्भर करता है।

इस सिद्धांत में नॉजिक यहाँ तक मानते हैं कि समाज का कोई भी प्रबंधन या संरचना जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हानि पहुंचाए, उसे अन्यायपूर्ण माना जाना चाहिए। इस सिद्धांत के अनुसार, समाज में किसी भी व्यक्ति के संपत्ति या संसाधनों को बिना उसकी सहमति के नहीं लिया जाना चाहिए।

नॉजिक के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने अपने मेहनत, योग्यता या संसाधनों के माध्यम से कुछ हासिल किया है, तो वह उसी का है और यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। इसलिए, समाज मे स्वत्वाधिकार पर हमला करना, नॉजिक के दृष्टिकोण से अनुचित होगा।

इस सिद्धांत का उदाहरण हो सकता है कि यदि कोई व्यक्ति अपने योग्यता और कठिन मेहनत से किसी क्षेत्र में सफल होता है और संपत्ति कमाता है, तो वह संपत्ति का मालिक होने का पूरा हकदार होता है और किसी भी प्रकार की ताकत उससे इस संपत्ति को नहीं ले सकती है।



नोजिक का अधिकारिता सिद्धांत और रॉल्स के न्याय (Justice) का सिद्धांत में अंतर

1. व्यक्तिगत स्वतंत्रता की प्राथमिकता:- नोजिक के सिद्धांत में, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों को बढ़ावा दिया जाता है, जबकि रॉल्स के न्याय में समाज में असमानता को कम करने पर जोर दिया जाता है।

2. न्याय की परिभाषा:- नोजिक के सिद्धांत में, प्राथमिकता व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों की होती है, जबकि रॉल्स के न्याय में समाज में सबसे कमजोर और निराधिकारी वर्ग को समानता और सुरक्षा प्राप्ति की दृष्टि से जोर दिया जाता है।

3. समाज में असमानता के प्रति दृष्टि:- नोजिक के सिद्धांत में, समाज में असमानता को समानता की प्राथमिकता के साथ देखा जाता है, जबकि रॉल्स के न्याय में समाज में सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा और समान अवसरों को बढ़ावा दिया जाता है।

4. व्यावसायिक स्वतंत्रता का दृष्टिकोण:- नोजिक के सिद्धांत में, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों को व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखा जाता है, जबकि रॉल्स के न्याय में समाज में सबसे कमजोर वर्ग की मदद और समर्थन पर जोर दिया जाता है।

5. न्याय की दृष्टि से समाज का आदर्श:- नोजिक के सिद्धांत में, न्याय की परिभाषा में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का महत्व है, जबकि रॉल्स के न्याय में समाज के सबसे कमजोर वर्ग के प्रति समानता और सहायता की दृष्टि से न्याय की बात की जाती है।



Related Questions

1.What is justice? What is its importance in society?
न्याय क्या है? समाज में इसका महत्व क्या होता है?

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2.Explain Nozick's ownership theory of justice.
नॉजिक के न्याय का स्वत्वाधिकार सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।

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3.How can Rawls's theory of justice be viewed critically? Do some sociological critics consider this justified?
रॉल्स के न्याय सिद्धांत को आलोचनात्मक दृष्टि से कैसे देखा जा सकता है? क्या कुछ समाजशास्त्रीय आलोचक इसे उचित मानते हैं?

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4.What is meant by justice? Review John Rawls's views on justice.
न्याय से क्या तात्पर्य है ? न्याय पर जॉन रॉल्स के विचारों की समीक्षा करें।

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5.What steps can be taken to implement the principle of justice in society and how is it possible?
न्याय सिद्धांत को समाज में लागू करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं और वह कैसे सम्भव हैं?

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6.According to the ownership theory, what kind of freedom does possession of property and resources indicate?
स्वत्वाधिकार सिद्धांत के अनुसार संपत्ति और संसाधनों का होना किस प्रकार का स्वतंत्रता का संकेत होता है?

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7.Discuss John Rawls's theory of justice and its feminist criticism.
जॉन रॉल्स के न्याय के सिद्धांत एवं इसकी नारीवादी आलोचना की चर्चा कीजिए।

OR/अथवा

8.Discuss the rules for the acquisition and use of property in Nozick's property rights theory that may be important from a juridical perspective.
नॉजिक के स्वत्वाधिकार सिद्धांत में संपत्ति की प्राप्ति और उपयोग के नियमों के बारे में चर्चा कीजिए जो न्यायवादी दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं।

OR/अथवा

9.Write an essay on Nozick's jurisdictional theory of justice. How does it differ from Rawls's theory of justice as fairness?
नोजिक के न्याय के अधिकारिता सिद्धांत पर एक निबंध लिखें। रॉल्स के निष्पक्षता के रूप में न्याय के सिद्धांत से यह किस प्रकार भिन्न है?



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